अगर आपके मन में सबसे पहले यह सवाल आता है कि 2 किलोवाट का सोलर सिस्टम सालभर में कितनी बिजली बना सकता है, तो इसका सरल उत्तर है—एक सही तरीके से इंस्टॉल और नियमित मेंटेन किया गया 2kW सोलर सिस्टम सालाना लगभग 2800 से 2900 यूनिट (kWh) बिजली पैदा कर सकता है।
हालांकि यह उत्पादन पूरी तरह स्थिर नहीं होता। यह आपके शहर की धूप, भौगोलिक स्थिति, मौसम, तापमान, पैनल की क्वालिटी और एफिशिएंसी, छत पर छाया, धूल, पैनल का एंगल और ओरिएंटेशन जैसे कई कारकों पर निर्भर करता है। कुछ क्षेत्रों में उत्पादन 2900 यूनिट से अधिक भी हो सकता है, जबकि कुछ जगहों पर यह 2800 यूनिट से कम रह सकता है। भारत का औसत उत्पादन लगभग इसी सीमा में माना जाता है।
क्या 2kW सोलर सिस्टम पर AC चल सकता है?
यह सबसे आम सवाल है—और इसका जवाब है, हां, लेकिन सीमाओं के साथ। तकनीकी रूप से 2kW सिस्टम पर 1 टन का इन्वर्टर AC चलाया जा सकता है, खासकर दिन के समय जब धूप अच्छी हो।
लेकिन व्यावहारिक दृष्टि से यह बहुत संतुलित विकल्प नहीं माना जाता। AC बिजली की भारी खपत करता है। यदि आपकी पूरी सोलर जनरेशन AC पर खर्च हो जाएगी, तो अन्य घरेलू उपकरणों के लिए पर्याप्त बिजली नहीं बचेगी। इससे 80–90% तक बिल बचत का लक्ष्य प्रभावित हो सकता है।
अगर आप रोजाना AC का उपयोग करना चाहते हैं, तो 3kW या उससे अधिक क्षमता का सोलर सिस्टम बेहतर विकल्प रहेगा।
2kW सिस्टम किन घरों के लिए उपयुक्त है?
2 किलोवाट का सोलर सिस्टम छोटे परिवारों के लिए आदर्श माना जाता है। यदि आपके घर में 2–3 सदस्य हैं और बिजली की खपत मध्यम स्तर की है, तो यह सिस्टम आपकी जरूरतों को आसानी से पूरा कर सकता है।
इस क्षमता पर आप निम्नलिखित उपकरण चला सकते हैं:
- 2–3 सीलिंग फैन
- 1–2 एलईडी बल्ब
- 1–2 ट्यूबलाइट
- 1 रेफ्रिजरेटर
- 1 टीवी
- माइक्रोवेव, इंडक्शन कुकटॉप और मिक्सर जैसे छोटे किचन उपकरण
यदि आपका सिस्टम ऑन-ग्रिड है, तो दिन में आप सोलर से बनी बिजली का उपयोग कर सकते हैं और अतिरिक्त यूनिट्स ग्रिड में भेज सकते हैं। रात के समय ग्रिड से बिजली लेकर आप अपने घर का लोड संतुलित कर सकते हैं।
जहां तक छत की जगह का सवाल है, 1kW सोलर सिस्टम के लिए लगभग 80 वर्ग फुट बिना छाया वाली जगह चाहिए। यानी 2kW सिस्टम के लिए लगभग 160 वर्ग फुट शैडो-फ्री एरिया आवश्यक होगा।
2026 में 2kW सोलर सिस्टम की कीमत कितनी है?
2026 में 2kW ऑन-ग्रिड सोलर सिस्टम की कीमत कई बातों पर निर्भर करती है—जैसे पैनल का प्रकार (मोनोपर्क या बायफेशियल), इन्वर्टर (स्ट्रिंग या माइक्रो), माउंटिंग स्ट्रक्चर की ऊंचाई, मेंटेनेंस पैकेज, नेट मीटरिंग और राज्य के डिस्कॉम शुल्क।
नीचे कुछ प्रमुख शहरों में अनुमानित शुरुआती कीमतें दी गई हैं:
| शहर | बिना सब्सिडी कीमत (₹) | सब्सिडी के बाद कीमत (₹) |
|---|---|---|
| नागपुर | 1,71,000 | 1,11,000 |
| भोपाल | 1,80,000 | 1,20,000 |
| लखनऊ | 1,76,000 | 86,000 |
| अहमदाबाद | 1,72,000 | 1,12,000 |
| दिल्ली | 1,89,000 | 1,09,000 |
| हैदराबाद | 1,70,000 | 1,10,000 |
| बैंगलोर | 2,00,000 | 1,40,000 |
| चेन्नई | 1,89,000 | 1,29,000 |
| जयपुर | 1,84,000 | 1,24,000 |
2026 में कितनी सब्सिडी मिलेगी?
यदि आप 2kW रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाते हैं, तो केंद्र सरकार की योजना के तहत लगभग ₹60,000 तक की केंद्रीय सब्सिडी मिल सकती है। यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से आपके बैंक खाते में लगभग 30 दिनों के भीतर ट्रांसफर हो सकती है, बशर्ते आपने DCR पैनल का उपयोग किया हो।
कुछ राज्यों में अतिरिक्त स्टेट सब्सिडी भी मिलती है:
- उत्तर प्रदेश, झारखण्ड और उड़ीसा: ₹15,000 प्रति किलोवाट (अधिकतम ₹30,000)
- दिल्ली: ₹10,000 प्रति किलोवाट (2kW पर कुल ₹80,000 तक राहत)
इस तरह कुछ राज्यों में 2kW सिस्टम पर कुल ₹90,000 तक की सब्सिडी संभव है।
25 साल में कितनी बचत होगी?
2kW सोलर सिस्टम केवल बिल कम करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह एक लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट है। बिजली दरों के आधार पर 25 साल में संभावित बचत अलग-अलग शहरों में भिन्न हो सकती है।
उदाहरण के तौर पर:
- नागपुर: लगभग 11 लाख रुपये से अधिक
- भोपाल: करीब 7.42 लाख रुपये
- लखनऊ: लगभग 5.85 लाख रुपये
- अहमदाबाद: लगभग 8.24 लाख रुपये
- दिल्ली: करीब 4.75 लाख रुपये
- हैदराबाद: लगभग 6.16 लाख रुपये
सोलर पैनल हर साल लगभग 0.5% की दर से डिग्रेड होते हैं, लेकिन इसके बावजूद 25 वर्षों में औसतन 6–7 लाख रुपये तक की शुद्ध बचत संभव है। आमतौर पर 3 से 5 साल में आपका निवेश वसूल हो जाता है, और उसके बाद सिस्टम लगभग मुफ्त बिजली देता रहता है।
पर्यावरण की दृष्टि से भी यह फायदेमंद है—2kW सोलर सिस्टम 25 साल में लगभग 69 पेड़ लगाने के बराबर कार्बन उत्सर्जन कम करने में मदद करता है।
क्या 2kW सोलर सिस्टम सही निवेश है?
अगर आपकी बिजली खपत मध्यम है और आप नियमित रूप से AC पर निर्भर नहीं हैं, तो 2kW सोलर सिस्टम एक समझदारी भरा और किफायती विकल्प है। सही प्लानिंग और सब्सिडी का लाभ लेकर आप कम लागत में लंबी अवधि तक बिजली बिल से राहत पा सकते हैं।







