बढ़ते बिजली बिल आज लगभग हर परिवार के लिए चिंता का कारण बन चुके हैं। ऐसे में लोग किसी स्थायी और किफायती समाधान की तलाश में हैं। सोलर एनर्जी इस दिशा में तेजी से लोकप्रिय हो रही है। पहले सोलर सिस्टम महंगे माने जाते थे क्योंकि बैटरी की लागत अलग से जुड़ जाती थी। लेकिन अब बिना बैटरी वाला ऑन-ग्रिड सोलर सिस्टम ज्यादा किफायती और व्यावहारिक विकल्प बनकर उभरा है।
खासकर Waaree Energies Ltd का 2kW ऑन-ग्रिड सोलर सिस्टम मध्यम वर्गीय परिवारों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। अगर आप इसे PM Surya Ghar Yojana के तहत इंस्टॉल करते हैं, तो कुल मिलाकर ₹90,000 तक की सब्सिडी सीधे आपके बैंक खाते में ट्रांसफर हो सकती है।
ऑन-ग्रिड सोलर सिस्टम क्या है और क्यों है सस्ता?
ऑन-ग्रिड सोलर सिस्टम सीधे आपके घर की बिजली लाइन और सरकारी ग्रिड से जुड़ा होता है। इसमें बैटरी की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे लागत काफी कम हो जाती है।
दिन के समय सोलर पैनल बिजली बनाते हैं और वही ऊर्जा आपके घर के उपकरण—जैसे पंखे, लाइट, फ्रिज—चलाने में इस्तेमाल होती है। यदि अतिरिक्त बिजली बनती है, तो वह ग्रिड में चली जाती है और नेट मीटरिंग के जरिए उसका क्रेडिट आपके खाते में जुड़ जाता है।
बिना बैटरी होने के फायदे:
- बैटरी बदलने और मेंटेनेंस का खर्च खत्म
- शुरुआती लागत कम
- सरकारी सब्सिडी का पूरा लाभ
ध्यान देने वाली बात यह है कि पीएम सूर्यघर योजना के तहत सब्सिडी केवल ऑन-ग्रिड सिस्टम पर ही उपलब्ध है।
Waaree 2kW ऑन-ग्रिड सिस्टम की खूबियां
Waaree का 2kW सिस्टम 1–2 BHK घरों या छोटी दुकानों के लिए उपयुक्त माना जाता है। इसकी अनुमानित कीमत करीब ₹1,00,000 के आसपास होती है, लेकिन सब्सिडी मिलने के बाद यह काफी किफायती हो जाता है।
यह सिस्टम औसतन:
- प्रतिदिन लगभग 8 यूनिट बिजली बनाता है
- प्रति माह करीब 240 यूनिट उत्पादन देता है
अगर आपका मासिक बिजली बिल ₹1,500 से ₹2,000 के बीच है, तो यह सिस्टम उसे लगभग शून्य के करीब ला सकता है।
आमतौर पर 2kW क्षमता के लिए 4–5 सोलर पैनल लगाए जाते हैं (पैनल की वॉट क्षमता पर निर्भर)। इसके लिए लगभग 120 वर्ग फीट शैडो-फ्री छत की आवश्यकता होती है।
मुख्य विवरण
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| सिस्टम क्षमता | 2kW |
| प्रतिदिन उत्पादन | ~8 यूनिट |
| मासिक उत्पादन | ~240 यूनिट |
| आवश्यक जगह | 120 वर्ग फीट |
| अनुमानित कीमत | ~₹1,00,000 |
| वारंटी | पैनल 25 वर्ष, इन्वर्टर 8 वर्ष |
Waaree के सोलर पैनल 25 साल की परफॉर्मेंस वारंटी के साथ आते हैं और इनका ऑन-ग्रिड इन्वर्टर लगभग 97% तक दक्षता प्रदान करता है। मेड-इन-इंडिया प्रोडक्ट होने के कारण यह लंबे समय तक भरोसेमंद प्रदर्शन देता है।
₹90,000 तक की सब्सिडी कैसे मिलेगी?
पीएम सूर्यघर योजना के तहत केंद्र सरकार 2kW सिस्टम पर ₹60,000 तक की सब्सिडी देती है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, झारखंड, दिल्ली, उड़ीसा, हरियाणा, उत्तराखंड और राजस्थान जैसे कई राज्य अतिरिक्त 15% से 30% तक की सब्सिडी प्रदान करते हैं।
इन दोनों को मिलाकर कुल लाभ ₹90,000 तक पहुंच सकता है। यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे आपके बैंक खाते में आती है।
अगर सिस्टम की कीमत ₹1 लाख है और आपको ₹90,000 तक की सहायता मिलती है, तो आपका वास्तविक खर्च बहुत कम रह जाता है। यही कारण है कि मध्यम वर्ग तेजी से ऑन-ग्रिड सोलर अपना रहा है।
आवेदन और सब्सिडी क्लेम प्रक्रिया
1️⃣ सबसे पहले पीएम सूर्यघर योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करें।
2️⃣ घर का पता, बिजली कनेक्शन नंबर और अन्य जरूरी जानकारी भरें।
3️⃣ आपका DISCOM (स्थानीय बिजली कंपनी) साइट की जांच करेगा। इसमें लगभग 15–30 दिन लग सकते हैं।
4️⃣ मंजूरी मिलने के बाद Waaree या किसी अधिकृत वेंडर से सिस्टम इंस्टॉल करवाएं।
5️⃣ इंस्टॉलेशन के बाद नेट मीटर लगाया जाएगा और निरीक्षण होगा।
6️⃣ कमीशनिंग सर्टिफिकेट मिलने के बाद पोर्टल पर बैंक डिटेल और कैंसिल चेक अपलोड कर सब्सिडी क्लेम करें।
7️⃣ आमतौर पर 30–90 दिनों के भीतर सब्सिडी राशि खाते में जमा हो जाती है।
अंत में, यदि आप सही वेंडर चुनते हैं, छत पर शैडो-फ्री जगह सुनिश्चित करते हैं और नेट मीटरिंग की प्रक्रिया पूरी करते हैं, तो आपका निवेश कुछ ही वर्षों में रिकवर हो सकता है।
बिना बैटरी वाला Waaree 2kW ऑन-ग्रिड सोलर सिस्टम न केवल बिजली बिल कम करता है, बल्कि आपको ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार भी बनाता है।







