5KW Solar System लगवाने पर होगी घर बैठे लाखों में कमाई, फ्री बिजली के साथ मिलेगा रोजगार

Published On: February 14, 2026
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5 किलोवाट (5 kW) का सोलर सिस्टम लगवाने के लिए लगभग 300-400 वर्ग फुट छत, 8-13 सोलर पैनल (400W+), और 2.5-4 लाख रुपये का बजट चाहिए। {Link: PM Surya Ghar पोर्टल pmsuryaghar.gov.in के माध्यम से} या सीधे सोलर वेंडर से संपर्क करके इसे लगवाया जा सकता है, जिसमें सब्सिडी भी मिलती है। यह सिस्टम लगभग 7500 यूनिट प्रति वर्ष बिजली उत्पन्न करता है। 

भारत में सब्सिडी के बाद 5 किलोवाट के सोलर सिस्टम की शुरुआती कीमत लगभग 1,97,000 रुपये से लेकर 2,92,000 रुपये तक होती है। हालांकि, पैनलों और इनवर्टर के प्रकार जैसे कारकों के आधार पर सटीक कीमत भिन्न हो सकती है।

5 किलोवाट के सौर ऊर्जा संयंत्र की लागत कई कारकों पर निर्भर करती है। इनमें पैनल का प्रकार, जटिलता स्तर, स्थान और सरकारी सब्सिडी शामिल हैं । सरकारी सब्सिडी के बिना 5 किलोवाट के सौर ऊर्जा संयंत्र की लागत लगभग 3,02,825 रुपये है। सरकार इस पर 78,000 रुपये की निश्चित सब्सिडी प्रदान करती है ।

5 किलोवाट (5 kw) सोलर पैनल सिस्टम घर के लिए एक बेहतरीन निवेश है, जो प्रतिदिन लगभग (20-25) यूनिट (18-20 units) बिजली उत्पन्न कर सकता है। यह सालाना ₹54,000 से अधिक की बचत कर सकता है, बिजली बिल में 80-90% तक की कटौती करता है, और सरकारी सब्सिडी के साथ आता है। यह मध्यम-बड़े घरों के लिए आदर्श है। 

5 किलोवाट (5 kw) का सोलर पैनल सिस्टम एक 3-4 BHK घर के लिए पर्याप्त है, जो प्रतिदिन लगभग 20-25 यूनिट बिजली उत्पन्न कर सकता है। इससे आप दिन के समय 2-3 एयर कंडीशनर (1.5 टन के), फ्रीज, टीवी, पंखे, लाइट, वाशिंग मशीन, मिक्सर और पानी का पंप जैसे भारी उपकरण आसानी से चला सकते हैं। 

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5 किलोवाट का ऑन-ग्रिड सोलर सिस्टम लगाकर आप अतिरिक्त बिजली सरकारी ग्रिड को बेचकर पैसे कमा सकते हैं। इसमें नेट मीटरिंग के जरिए आपका बिजली बिल 90% तक कम हो सकता है। 5kW सिस्टम रोजाना लगभग 20-25 यूनिट बिजली बनाता है, जो 3-4 BHK घर के लिए पर्याप्त है और PM Surya Ghar Yojana के तहत सब्सिडी भी मिलती है। 

5 किलोवाट सोलर से बिजली बेचने की प्रक्रिया:

  • नेट मीटरिंग (Net Metering): यह सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। आपके सामान्य बिजली मीटर को एक “नेट मीटर” से बदल दिया जाता है। जब आपके पैनल आपकी जरूरत से ज्यादा बिजली बनाते हैं, तो वह अतिरिक्त बिजली ग्रिड में चली जाती है और मीटर में रिकॉर्ड हो जाती है।
  • बिजली बेचना (Selling Electricity): दिन के समय, यदि आप बिजली का कम उपयोग करते हैं और आपका सिस्टम अधिक बिजली (जैसे 20-25 यूनिट) बनाता है, तो वह अतिरिक्त बिजली DISCOM (बिजली वितरण कंपनी) को बेची जाती है। आप इन यूनिटों के बदले में बिजली बिल में छूट (क्रेडिट) प्राप्त करते हैं।
  • PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना (PM Surya Ghar Yojana): 5kW सिस्टम पर सरकार द्वारा लगभग ₹78,000 की बड़ी सब्सिडी दी जाती है, जिससे लागत काफी कम हो जाती है। यह योजना का लाभ pmsuryaghar.gov.in पर रजिस्टर करके लिया जा सकता है।
  • लागत और बचत: बिना सब्सिडी के 5kW सिस्टम की लागत लगभग ₹3,00,000 से अधिक हो सकती है, लेकिन सब्सिडी के बाद यह ₹2 लाख – ₹2.5 लाख के बीच आ जाती है Pulseenergy.io। यह निवेश 5-7 साल में वसूल हो जाता है।
  • आवश्यकता: 5kW के लिए छत पर लगभग 500-600 वर्ग फुट जगह की आवश्यकता होती है। 

प्रक्रिया:

  1. pmsuryaghar.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करें।
  2. अनुमोदित (Approved) वेंडर से ही सिस्टम लगवाएं।
  3. डिस्कॉम द्वारा नेट मीटर लगाने के बाद, आप बिजली बेचना शुरू कर सकते हैं। 

5kW के सिस्टम से आप अपने घर के बिजली का बिल पूरी तरह से ज़ीरो कर सकते हैं और एक्स्ट्रा बिजली से आमदनी भी कर सकते हैं। 

5 किलोवाट सोलर सिस्टम की मुख्य क्षमताएं:

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  • भारी उपकरण (AC): 1.5 टन के 2 से 3 इन्वर्टर एयर कंडीशनर।
  • अन्य उपकरण: फ्रिज (Fridge), वाशिंग मशीन (Washing Machine), गीजर (Geyser), वाटर पंप, कंप्यूटर/लैपटॉप और घर की अन्य लाइट/पंखे।
  • बिजली उत्पादन: अच्छी धूप होने पर यह सिस्टम रोजाना 18 से 25 यूनिट तक बिजली बना सकता है, जो सामान्य से ज्यादा खपत वाले घरों के लिए भी पर्याप्त है।
  • उपयोग: यह 2-3 मंजिल के घर या छोटे व्यवसायों (दुकान/कार्यालय) के लिए एकदम सही है। 

ध्यान दें:

  • ऑन-ग्रिड सिस्टम: रात में ग्रिड की बिजली पर निर्भर करता है, लेकिन दिन में 100% बिजली मुफ्त होती है।
  • ऑफ-ग्रिड सिस्टम: बैटरी के साथ आता है, जो रात में भी बैकअप दे सकता है, लेकिन बैटरी बैकअप क्षमता सीमित होती है। 

5 kW सोलर पैनल सिस्टम के प्रमुख लाभ:

  • भारी बिजली बचत: यह सिस्टम सालाना लगभग  यूनिट बिजली बनाता है, जिससे बिजली बिल में भारी कमी आती है और यह लगभग शून्य भी हो सकता है।
  • बिजली के उपकरणों का संचालन: इस क्षमता के साथ, आप आसानी से 2-3 AC, पंखे, लाइट, फ्रिज, और वाशिंग मशीन जैसे उपकरण चला सकते हैं।
  • त्वरित ROI (3-5 साल में): बिजली बिल में कटौती के कारण, सिस्टम की लागत का भुगतान आमतौर पर 3 से 5 वर्षों के भीतर हो जाता है।
  • सरकारी सब्सिडी (PM Surya Ghar): भारत में, 5 kW सिस्टम पर सब्सिडी उपलब्ध है, जो इसे और अधिक किफायती बनाती है।
  • उच्च टिकाऊपन: सौर पैनलों का जीवनकाल 25 वर्ष से अधिक होता है और रखरखाव लागत बहुत कम होती है।
  • पर्यावरण के अनुकूल: यह कार्बन उत्सर्जन को कम करता है और 75 से अधिक पेड़ लगाने के बराबर प्रदूषण कम करने में मदद करता है।
  • संपत्ति के मूल्य में वृद्धि: सोलर पैनल लगे हुए घर का पुनर्विक्रय मूल्य (Resale Value) अक्सर अधिक होता है। 

सिस्टम के प्रकार:

  1. ऑन-ग्रिड सिस्टम: सीधे बिजली ग्रिड से जुड़ा, जो अतिरिक्त बिजली बेचने पर कमाई भी देता है।
  2. ऑफ-ग्रिड सिस्टम: बैटरी के साथ, जो पावर कट के दौरान बैकअप प्रदान करता है।
  3. हाइब्रिड सिस्टम: दोनों का संयोजन। 

5 kW सिस्टम के लिए आमतौर पर 300-500 वर्ग फुट जगह की आवश्यकता होती है। 

5 किलोवाट (5kW) सोलर सिस्टम मध्यम से बड़े घरों (600-800 यूनिट/माह खपत) के लिए एक आदर्श विकल्प है, जो रोजाना लगभग 20-25 यूनिट (प्रति वर्ष 7,000-7,500 यूनिट) बिजली पैदा करता है। यह 1.5 टन के दो एसी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन और अन्य घरेलू उपकरण आसानी से चला सकता है। यह 280-450 वर्ग फुट छत जगह लेता है और 3-5 साल में निवेश की भरपाई कर सकता है। 

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5 किलोवाट सोलर सिस्टम की प्रमुख विशेषताएँ:

  • उच्च उत्पादन और बचत: यह सिस्टम प्रतिदिन लगभग 20-25 यूनिट तक बिजली बना सकता है, जिससे बिजली के बिल में 80% से अधिक की कटौती संभव है।
  • दक्षता और बिजली क्षमता: यह 5000 वाट तक का भार उठा सकता है, जो बड़े परिवारों के लिए उपयुक्त है।
  • जगह की आवश्यकता: इस सिस्टम को स्थापित करने के लिए लगभग 280-450 वर्ग फुट (sq ft) के छाया-रहित क्षेत्र की आवश्यकता होती है।
  • प्रकार (Types):
    • ऑन-ग्रिड (On-Grid): बिजली बिल कम करने के लिए सबसे अच्छा, नेट मीटरिंग के साथ।
    • ऑफ-ग्रिड (Off-Grid): बिजली कटौती वाले क्षेत्रों के लिए, बैटरी स्टोरेज के साथ।
    • हाइब्रिड (Hybrid): ऑन-ग्रिड और ऑफ-ग्रिड दोनों का मिश्रण।
  • आसान स्थापना (Installation): इसे आसानी से किसी भी प्रकार की छत (RCC, Metal Sheet) पर स्थापित किया जा सकता है, जिसके लिए मजबूत स्टैंड की आवश्यकता होती है।
  • कार्बन उत्सर्जन में कमी: यह लगभग 75 पेड़ लगाने के बराबर कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को कम करता है।
  • लागत और सब्सिडी: भारत में, सरकारी सब्सिडी योजना (PM Surya Ghar) के तहत इसकी लागत और भी कम हो सकती है। 

5kW सोलर सिस्टम पर चलने वाले उपकरण:

  • दो 1.5 टन के एयर कंडीशनर (AC)
  • रेफ्रिजरेटर (Refrigerator)
  • वॉशिंग मशीन (Washing Machine)
  • टेलीविज़न (Television)
  • पंखे, लाइटें और अन्य छोटे उपकरण 

यह सिस्टम न केवल बिजली का बिल कम करता है, बल्कि यह आपकी संपत्ति के मूल्य को भी बढ़ाता है।

5 kW सोलर सिस्टम लगवाने की चरणबद्ध प्रक्रिया:

  • रूफटॉप का आकलन: 5 kW के लिए लगभग 300-400 वर्ग फुट छाया-मुक्त छत/जमीन की जगह होनी चाहिए।
  • सिस्टम का प्रकार चुनें:
    • ऑन-ग्रिड (On-Grid): सबसे किफायती, बिजली बिल कम करने के लिए, ग्रिड के साथ जुड़ा रहता है।
    • ऑफ-ग्रिड/हाइब्रिड (Off-Grid/Hybrid): बैटरी बैकअप के लिए, जहां बिजली कटौती ज्यादा है।
  • सब्सिडी (PM Surya Ghar Scheme): आप PM Surya Ghar पोर्टल के माध्यम से सब्सिडी के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिसमें आप एक रजिस्टर्ड वेंडर के माध्यम से इंस्टॉल करवा सकते हैं।
  • इंस्टॉलेशन प्रक्रिया:
    • साइट सर्वेक्षण: एक सोलर इंजीनियर से छत की क्षमता और धूप की उपलब्धता की जाँच करवाएं।
    • माउंटिंग स्ट्रक्चर: सौर पैनलों को मजबूती से लगाने के लिए स्ट्रक्चर की स्थापना।
    • पैनल और इन्वर्टर लगाना: 400W-550W+ के पैनल, एक 5kW का इन्वर्टर, DCDB, ACDB, और (यदि आवश्यक हो) बैटरियां स्थापित करना।
    • वायरिंग और ग्रिड कनेक्शन: सभी उपकरणों को जोड़ना और ऑन-ग्रिड सिस्टम के लिए नेट मीटरिंग का कनेक्शन लेना। 
    • लागत और सब्सिडी: भारत में 5 किलोवाट सोलर सिस्टम की कुल लागत 2.5 लाख से 4 लाख रुपये के बीच है। सरकार इस पर अच्छी सब्सिडी प्रदान करती है। 

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