3KW Hybrid Solar System लगाएं सिर्फ ₹50,000 में! जानिए 2026 में PM सूर्यघर योजना की सब्सिडी की पूरी जानकारी

Published On: February 17, 2026
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3KW Hybrid Solar System

बढ़ती बिजली दरों ने आज हर परिवार का बजट बिगाड़ रखा है। ऐसे में अगर आप जानें कि 3KW का हाइब्रिड सोलर सिस्टम आप लगभग ₹50,000–₹70,000 के बीच अपनी जेब से लगवा सकते हैं, तो यह किसी राहत से कम नहीं होगा। सही प्लानिंग, सही कैलकुलेशन और PM Surya Ghar Yojana की सब्सिडी का पूरा लाभ लेकर यह संभव हो सकता है। खास बात यह है कि यह सिस्टम बिना बैटरी के भी काम कर सकता है और जरूरत पड़ने पर बाद में बैटरी जोड़ी जा सकती है।

धुंध या हल्की धूप में भी अगर 5 सोलर पैनल सीधे घर का जरूरी लोड चला दें—वह भी बिना बैटरी और बिना ग्रिड सपोर्ट के—तो यह आधुनिक टेक्नोलॉजी की ताकत को दिखाता है। यही वजह है कि 2026 में 3KW हाइब्रिड सिस्टम तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।

3KW Hybrid Solar System क्यों बन रहा है पहली पसंद?

3 किलोवाट का सिस्टम भारतीय घरों के लिए एक संतुलित विकल्प माना जाता है। इससे 1–1.5 टन का इन्वर्टर एसी, गीजर, फ्रिज, टीवी, वॉशिंग मशीन, पंखे और लाइट जैसे अधिकांश उपकरण आराम से चल सकते हैं।

हाइब्रिड इन्वर्टर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह सोलर, बैटरी और ग्रिड—तीनों स्रोतों को स्मार्ट तरीके से मैनेज करता है। आप चाहें तो शुरुआत बिना बैटरी के कर सकते हैं और भविष्य में जरूरत या बजट के अनुसार बैटरी जोड़ सकते हैं। कई हाइब्रिड इन्वर्टर में वाई-फाई मॉनिटरिंग फीचर भी मिलता है, जिससे मोबाइल ऐप के जरिए रियल-टाइम जेनरेशन और खपत की जानकारी देखी जा सकती है।

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ऑन-ग्रिड सिस्टम की एक कमी यह है कि पावर कट होने पर वह बंद हो जाता है। लेकिन हाइब्रिड सिस्टम में इन्वर्टर खुद लोड संभाल लेता है, जिससे बिजली जाने पर भी जरूरी उपकरण चलते रहते हैं। यही कारण है कि इसे अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद विकल्प माना जा रहा है।

बैटरी लगाएं या नहीं? सही निर्णय कैसे लें

कई लोग शुरुआती लागत कम रखने के लिए बैटरी नहीं लगाते। यदि आपके क्षेत्र में नेट मीटरिंग उपलब्ध है, तो अतिरिक्त यूनिट का समायोजन संभव है। लेकिन जहां ग्रॉस मीटरिंग लागू है, वहां स्थिति अलग हो सकती है।

मान लीजिए आप दिन में 10 यूनिट एक्सपोर्ट करते हैं और बदले में ₹2.80–₹3 प्रति यूनिट मिलते हैं, जबकि रात में आपको ₹8–₹10 प्रति यूनिट देना पड़ता है। ऐसे में सीधा यूनिट-टू-यूनिट लाभ नहीं मिलता।

इस स्थिति में बैटरी उपयोगी साबित हो सकती है। दिन में बनी अतिरिक्त बिजली बैटरी में स्टोर होगी और रात में वही ऊर्जा इस्तेमाल की जा सकेगी। इससे आपका बिजली बिल काफी हद तक कम या लगभग शून्य हो सकता है।

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बैटरी विकल्पों में ट्यूबलर, लिथियम, ग्रेफीन और भविष्य में आने वाली सोडियम बैटरी शामिल हैं। 24V सिस्टम में जरूरत के अनुसार बैटरी क्षमता बढ़ाई जा सकती है। बड़ी लिथियम बैटरी लगाने पर रात में एसी चलाना भी संभव हो सकता है।

3KW सिस्टम की लागत और सब्सिडी का पूरा हिसाब

अब समझते हैं कि ₹50,000 के आसपास यह सिस्टम कैसे संभव है।

घटकअनुमानित कीमत (रु.)
3KW DCR सोलर पैनल (₹25/W)75,000
हाइब्रिड इन्वर्टर43,000
स्ट्रक्चर, वायरिंग, इंस्टॉलेशन30,000
कुल लागत1,48,000
पीएम सूर्यघर सब्सिडी (3KW तक)78,000
आपकी जेब से खर्चलगभग 70,000

कुछ राज्यों—जैसे उत्तर प्रदेश, दिल्ली, झारखंड, उड़ीसा, हरियाणा और राजस्थान—में अतिरिक्त राज्य सब्सिडी भी मिलती है, जो ₹20,000–₹30,000 तक हो सकती है। ऐसे में कुल लागत घटकर लगभग ₹50,000 के आसपास आ सकती है।

3KW तक के सिस्टम पर केंद्र सरकार सब्सिडी प्रदान करती है। आवेदन के लिए आधिकारिक पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन, मोबाइल OTP वेरिफिकेशन और बैंक डिटेल दर्ज करनी होती है। इसके बाद फिजिबिलिटी अप्रूवल मिलता है, इंपैनल्ड वेंडर चुनना होता है और इंस्टॉलेशन के बाद डॉक्यूमेंट अपलोड करने होते हैं। स्वीकृति के बाद सब्सिडी की राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है।

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किन बातों का रखें ध्यान?

  • सब्सिडी पाने के लिए DCR पैनल अनिवार्य हैं, क्योंकि योजना की यही शर्त है।
  • DCR पैनल भारत में निर्मित होते हैं।
  • यदि आपकी जरूरत 5KW या उससे अधिक है, तो कई बार हाई-एफिशिएंसी टेक्नोलॉजी जैसे HJT या TOPCon पैनल लेना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि बड़े सिस्टम में सब्सिडी की सीमा कम पड़ सकती है।
  • अपने घर के अधिकतम लोड की सही गणना जरूर करें। यदि लोड 3KW से अधिक जाता है, तो भविष्य में अपग्रेड महंगा पड़ सकता है।

अंततः कहा जा सकता है कि 2026 में 3KW हाइब्रिड सोलर सिस्टम मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए एक संतुलित और समझदारी भरा निवेश है। सही योजना, विश्वसनीय वेंडर और उपयुक्त टेक्नोलॉजी का चयन कर आप अगले 20–25 वर्षों तक सस्ती और लगभग मुफ्त बिजली का लाभ उठा सकते हैं। यदि आप अभी निर्णय लेते हैं, तो बढ़ते बिजली बिल से राहत पाना पूरी तरह संभव है।

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